Now Loading

कटघोरा अधिवक्ता संघ की बैठक हुई संपन्न कटघोरा को जिला बनाओ अभियान को लेकर हुई काम आगामी चर्चा संघ के सचिव ने 26 जनवरी की घोषणा नहीं होने पर अगले दिन दी आत्मदाह की चेतावनी

कटघोरा अधिवक्ता संघ की बैठक हुई संपन्न, कटघोरा को जिला बनाओ अभियान को लेकर हुई गहन चर्चा संघ के सचिव ने 26 जनवरी को घोषणा नही होने पर अगले दिन दी आत्मदाह की चेतावनी कटघोरा अधिवक्ता संघ ने कटघोरा को जिला बनाओ अभियान को लेकर खास बैठक आजोजित हुई, जिसमे कटघोरा को जिला बनाने के विषय पर अधिवक्ताओ के बीच गहन चर्चा हुई।इस बीच संघ के सचिव ने यह साफ कर दिया है कि अगर 26 जनवरी तक कटघोरा जिले की घोषणा नही होती है तो 27 जनवरी को आत्मदाह करने की चेतावनी देकर सभी को सकते में ला दिया है। बैठक में अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों सहित बड़ी मात्रा में अधिवक्ता साथीगण उपस्थित रहे। बता दे कि पिछले 155 दिनों से कटघोरा अधिवक्ता संघ एकजुट होकर कटघोरा को जिला बनाने अभियान चलाकर धरने पर है। इस बीच क्षेत्र के सांसद महोदया व विधायकों द्वारा 26 जनवरी को कटघोरा के जिले की घोषणा का आश्वासन दिया जा चुका है। बैठक में उपस्थित संघ के सचिव अमित सिन्हा ने बताया कि 26 जनवरी में महज घण्टों का ही फासला शेष रह गया है, पर सरकार व शासन की तरफ से जिला की घोषणा को लेकर कोई सूचना व किसी तरह की जानकारी अभी तक सामने नही आई है, ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो सरकार को हमारे धरना आंदोलन व कटघोरा के जनता की मांग से कोई सरोकार नही है। सचिव ने यह भी साफ कर दिया कि अगर 26 जनवरी तक कटघोरा जिले की घोषणा नही हुई तो 27 जनवरी को आत्मदाह किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। अधिवक्ता संघ की जायज मांग व धरना आंदोलन में सर्व समाज व सर्व समुदाय के साथ ग्रामीण इलाकों के लोग भी शामिल हैं जो धरना स्थल पहुँचकर अपनी उपस्थिति दर्ज किए हैं। सभी की माग है कि कटघोरा को जिला बनाया जाए। मौजूदा भूपेश सरकार के दौरान कई जिलों की घोषणा हो चुकी है पर सन 1912 से मौजूद कटघोरा तहसील आज पर्यंत तक जिले का दर्जा प्राप्त नही कर पाया है यह आज भी आश्वासन की दहलीज में फंसा हुआ है। हालांकि सांसद महोदया ज्योत्स्ना महंत व कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर व पाली तानाखार विधायक मोहितराम केरकेट्टा द्वारा 26 जनवरी तक कटघोरा को जिला बनाने आस्वाशन दिया जा चुका है। कटघोरा जिला बनाओ अभियान आंदोलन कही राजनीति की भेंट तो नही चढ़ गया, जो सर्व राजनैतिक दलों के समर्थन पश्चात भी जिले का दर्जा प्राप्त नही कर पा रहा है। मौजूदा सरकार के विधायकों ने भी आन्दोलन में हिस्सा लेकर जिला बनाये जाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई है। फिर भी अधिवक्ता संघ व कटघोरा वासियों को यह बात सता रही है कि 26 जनवरी का आश्वासन कही काफूर ना हो जाये।वही विपक्ष भी चाह रहा है कि कटघोरा जिला का दर्जा प्राप्त करे, पर मौजूदा सरकार के आश्वासन पर खरा नही उतरने की फिराक जोह रहा है। अब 26 जनवरी को क्या कटघोरा जिले का घोषणा पर आस्वस्त हो पायेगा या नही यह बड़ा सवाल बना हुआ है।