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एक माह में मिले 48 कुष्ठ रोगी, इलाज शुरू ।

महराजगंज।अभियान चला जिले में घर-घर जाकर कुष्ठ रोगी खोजे जा रहे हैं। अभियान आगामी मार्च 2022 तक चलेगा। अभियान के दौरान 22 अक्टूबर से 22 नवम्बर तक कुल 48 कुष्ठ रोगी खोजे गये हैं। और सभी का इलाज भी शुरू कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुष्ठ रोगी खोजी अभियान 22 अक्टूबर से शुरू किया गया था। अभियान में कुल 1799 टीम और 190 सुपरवाइजर लगाए गए। प्रत्येक टीम में दो सदस्य एक महिला एक पुरुष रखे गए हैं। टीम की महिला सदस्य महिलाओं की तथा पुरुष सदस्य पुरूषों की स्क्रीनिंग करने में जुटे हैं। स्क्रीनिंग के दौरान मिले 380 संभावित रोगी। जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता डाॅ.अनिल कुमार बर्नवाल ने बताया कि एक माह में स्क्रीनिंग के दौरान कुल 380 कुष्ठ के संभावित रोगी मिले। इन सभी की जांच कराने पर कुल 48 कुष्ठ रोगी मिले। इन कुष्ठ रोगियों में 23 असंक्रामक तथा 25 संक्रामक मिले हैं। घुघली ब्लाॅक के एक गांव में कुष्ठ रोग ग्रेड- टू दिव्यांग कुष्ठ रोगी मिला है। सभी मरीजों को दवा उपलब्ध करा दी गयी है। संक्रामक कुष्ठ रोगी को 12 माह की तथा असंक्रामक रोगी को छह माह तक दवा चलती है। कुल 173 कुष्ठ रोगियों का चल रहा इलाज। जिला परामर्शदाता ने बताया कि 48 नए कुष्ठ रोगियों को मिलाकर कुल 173 कुष्ठ रोगियों का इस समय इलाज चल रहा है। इनमें 65 असंक्रामक तथा 108 संक्रामक कुष्ठ रोगी हैं। कुष्ठ रोग के लक्षण: -चमड़ी बदरंग और चमड़ी में मोटापन हो। -चमड़ी का दाग जिसमें सुन्नापन हो। -दाग चकत्ता जिसमें पसीना न आता हो। -हाथ पैर के नसों में मोटापन, सूजन तथा झनझनाहट हो। -हाथ पैर की अंगूली में टेढ़ापन हो। -हाथ तथा पैर के तलवों में सुन्नपन हो। -घाव जो इलाज के बाद ठीक न होता हो। ----- इन बातों पर रखें ध्यान: कुष्ठ एक रोग है जो माइक्रो बैक्टीरियम लेप्रे नामक जीवाणु द्वारा होता है। यह एमडीटी दवा से पूरी तरह ठीक हो जाता है। यह एक दूसरे को सिर्फ छूने या हाथ मिलाने से नहीं फैलता है। लगातार संपर्क में रहने से ही इसका प्रसार होता है।